
बकरीद से पहले देश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है।
बीजेपी नेता Kirit Somaiya ने खुले में होने वाली कुर्बानी पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर सियासी माहौल गरमा दिया है।
किरिट सोमैया ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों, सड़कों और खुले इलाकों में जानवरों की कुर्बानी से आम जनता को असुविधा होती है।
इसके अलावा स्वच्छता, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था पर भी इसका असर पड़ता है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि बकरीद के दौरान खुले में कुर्बानी पर सख्त रोक लगाई जाए और केवल निर्धारित स्थानों पर ही इसकी अनुमति दी जाए।
इस बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
कुछ हिंदू संगठनों और समर्थकों ने इस मांग का समर्थन किया है, जबकि कई मुस्लिम संगठनों और विपक्षी दलों ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता में हस्तक्षेप बताया है।
विपक्ष का कहना है कि त्योहारों को राजनीति से दूर रखना चाहिए और सभी धर्मों का सम्मान जरूरी है।
वहीं समर्थकों का कहना है कि यह मांग केवल व्यवस्था और स्वच्छता बनाए रखने के लिए की गई है।
अब सबकी नजर प्रशासन के फैसले पर है कि बकरीद से पहले इस संवेदनशील मुद्दे पर क्या कदम उठाया जाता है।
फिलहाल, बकरीद से पहले खुले में कुर्बानी का मुद्दा देशभर में चर्चा का केंद्र बन चुका है।

